- ✔ हार्मोनल संकेतों के प्रति संवेदनशीलता में बदलाव।
- ✔ पाचन तंत्र की गति में प्राकृतिक कमी।
- ✔ वसा के वितरण में बदलाव, विशेषकर मध्य भाग में।
जीवन के दूसरे पड़ाव में ऊर्जा को संतुलित रखने और शरीर की आंतरिक भाषा को समझने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण।
अधिक जानकारी पढ़ेंसमय के साथ हमारे शरीर की कार्यप्रणाली में एक सूक्ष्म लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव आता है। यह उम्र बढ़ने की एक स्वाभाविक प्रक्रिया है जिसे समझना स्वस्थ रहने की कुंजी है।
जैसे-जैसे दशक बीतते हैं, कोशिकीय स्तर पर ऊर्जा का उत्पादन बदल जाता है। मांसपेशियां, जो ग्लूकोज के मुख्य उपभोक्ताओं में से एक हैं, स्वाभाविक रूप से कम होने लगती हैं यदि हम सक्रिय नहीं रहते। इसका सीधा प्रभाव इस बात पर पड़ता है कि हमारा शरीर ईंधन का प्रबंधन कैसे करता है।
हमारे शरीर का "इंजन" या चयापचय (Metabolism) हमेशा एक जैसा नहीं रहता। उम्र के साथ, ईंधन (भोजन) को ऊर्जा में बदलने की दक्षता में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं।
जब चयापचय धीमा होता है, तो शरीर को कैलोरी की उतनी आवश्यकता नहीं होती जितनी युवावस्था में थी। यह समायोजन शर्करा के स्तर को स्थिर रखने में मदद करता है।
शरीर कभी-कभी भोजन के बाद शर्करा को संसाधित करने में अधिक समय लेता है। यह कोई बीमारी नहीं, बल्कि उम्र बढ़ने के साथ अनुकूलन की प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है।
दिन भर में ऊर्जा के स्तर को समान बनाए रखने के लिए, भोजन की गुणवत्ता और समय पर ध्यान देना मात्रा से अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।
आपकी दिनचर्या आपके शरीर की "दवा" के रूप में कार्य करती है। एक गतिहीन जीवनशैली उम्र बढ़ने के प्रभावों को तेज कर सकती है, जबकि सक्रियता उन्हें धीमा कर सकती है।
तनाव (स्ट्रेस) एक अदृश्य कारक है। जब हम तनाव में होते हैं, तो शरीर "लड़ो या भागो" मोड में चला जाता है, जिससे रक्त में ऊर्जा का प्रवाह बढ़ जाता है। विश्राम तकनीकों को अपनाना केवल मानसिक शांति के लिए नहीं, बल्कि शारीरिक स्थिरता के लिए भी अनिवार्य है।
"सक्रिय रहना केवल जिम जाने के बारे में नहीं है, यह बागवानी, पैदल चलने या योग जैसे दैनिक कार्यों में निरंतरता के बारे में है।"
जटिल कार्बोहाइड्रेट (जैसे बाजरा, जई) का चयन करें जो धीरे-धीरे पचते हैं। यह ऊर्जा के अचानक उतार-चढ़ाव को रोकने में मदद करता है।
अक्सर प्यास को भूख समझ लिया जाता है। पर्याप्त पानी पीने से चयापचय क्रियाएं सुचारू रूप से चलती रहती हैं।
नींद के दौरान शरीर मरम्मत करता है। अनियमित नींद पैटर्न हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ सकता है, जो शर्करा प्रसंस्करण को प्रभावित करता है।
भोजन के बाद 10 मिनट की धीमी सैर मांसपेशियों को रक्त से ग्लूकोज को अवशोषित करने में मदद कर सकती है।
"सेवानिवृत्ति के बाद, मैंने पाया कि मेरी ऊर्जा कम हो रही थी। मैंने अपने खाने के समय को नियमित किया और चीनी की जगह फलों को अपनाया। अब मैं 60 की उम्र में भी पहले से अधिक चुस्त महसूस करता हूँ।"
— आलोक वर्मा, बैंगलोर
"शुरुआत में बदलाव मुश्किल था। लेकिन जब मैंने छोटी सैर और योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया, तो मेरे शरीर ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। यह दवा नहीं, बल्कि अनुशासन था जिसने काम किया।"
— मीना रेड्डी, हैदराबाद
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